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  • Geography optional strategy by Raju Mishra ( AIR 65, CSE 2014)

    This blog post is re-built from excerpts of interviews, blogs written by UPSC rankers on how they went about a particular optional. The intention is to compile the best practices at one place in an easy to digest manner.

    Disclaimer

    • My strategies are simple and useful for me but don’t know about others
    • Try to read reference books thoroughly that what I didn’t do
    • Make adjustments according to your strengths, weakness and evaluation

    Why geography?

    • Though it is conceptual, scientifically oriented, easy availability of materials and coaching, I choose it because of its use in GS paper and essay writing
    • Found topics like Human Development, Agri issues, resource distribution very interesting and hence didn’t mind going extra mile in these topics specially part B
    • Your optional must be mastered by you so that you can solve any questions
    • It is very lenghy, needs quite effort
    • In spite of that one can score good marks

    Book List:

    Paper 1

    • Physical Geography by Suvindra Singh
    • Climatology by Lal
    • Rupa Made Simple Series
    • Human Geography by Mazid Hussain
    • Models, theories by Mazid Hussain
    • Geographical thoughts by Mazid Hussain

    Paper 2

    • Geography of India from Mazid Hussain and relevant topics from above books

    My Strategy:

    • Coverage of entire syllabus from basic books like NCERT, Suvindra Singh and G.C Leong and then go for advance
    • Regular update notes with current issues and try to relate is with geographical point of view. Useful specially in part 2
    • Test series, answer writing , daily diagram/ map practice

    Coaching:

    • I had done my coaching from Neetu Singh IAS academy
    • Covers 70% of syllabus in her notes
    • It formed core of preparation
    • After basic books, I went for her notes repeatedly
    • Stuck to one source and kept adding information from internet, reference books, test series etc
    • Many people get coaching material from different sources. All are repetition of each other and confuse candidate

    Advantages & Disadvantages

    Advantage:

    • Lots example on topics. Helps in answer writing and make it more comprehensive
    • Good coverage of maps pointing in class
    • Good coverage of part B in both papers
    • Thorough coverage of Indian Geography which is enough for Mains bt not so much for prelims
    • Provide sufficient data on different reports, census, forest coverage etc

    Disadvantage:

    • Poor coverage of part A. for that I used shabbir sir’s notes
    • No answer writing practice
    • Many important topics fall in 30% of syllabus. She does not cover in class
    • In part B some time she misses out or just mention the concept in passing instead of explaining them in detail

    Overall guidance from coaching helped in exam and to understand the fundamentals of geography. Hardly read any reference book, just read NCERTs. However it doesn’t mean that coaching is compulsory.

    How to tackle the current events?

    • Maintained separate notebook for Geography Current events
    • Newspaper: The Hindu, Indian Express
    • Online: topics like IPCC, food security, sustainable development and other contemporary issues
    • Magazines: Kurukshetra ( Agri issues), Geography and You, The Hindu Environmental survey, Terra Green

    How to read Current affairs from Geography perspective?

    • Newspaper are rich source of data and maps
    • Try to cut down any article on environment
    • Note down recommendation of different committees of environment, disaster management etc
    • Focus of issues on manufacturing industries like aluminium, iron steel etc. note down their percentage of reservoir and locate their location on maps
    • Note down different schemes regarding environment, agriculture etc

    What about maps and Answer writing?

    • Maintained separate note book for maps. NCERT and GC Leong has excellent diagrams
    • If saw any good diagram, cut it down and paste in your notes
    • Bad strategy to draw diagram at the end. Draw it first at proper place. Try and make one diagram for each question
    • Write comprehensive answer with proper data and diagram/map
    • Practice to write more question so that improve your writing ability
    • Practice more number of previous year’s question papers

    Thoughts and experience with test series?

    • Helps to improve your writing speed and capability
    • Group discussion helps in increase in knowledge and develop skills
    • Clarity of concept
    • Coverage of maximum number of questions so that improve ability of writing to the point
    • Learn how to crop unnecessary things

    Final tips!

    • Cover the whole syllabus properly
    • Don’t go for number of books
    • Use limited number of books and read it again and again
    • Stuck to one proper source
    • Practice answer writing
    • Maps should be done properly. Helps in Mains as well as prelims

     

    Compiled and curated by Neha
  • India do this, India do that..

    Stand-up India, Start-up india, sit down india, let jao india, so jao india. I am fecking fed up already.

  • हिंदी संपादकीय और विचार

    कल से हमने नई शुरूआत की थी- विभिन्न हिंदी अख़बारों, पीआइबी और अन्य स्रोतों के संपादकीय, विचार एवं अन्य आवश्यक पठनीय सामग्री के लिंक आपको उपलब्ध कराने की. उम्मीद है कल के लिंक आपने खोलेंगे होंगे और अपने मित्रों को भी इस बारे में बताया होगा.
    आज के लिंक-

    1. विदेशी ऋण लेने में कंपनियों की भूमिका

    लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117348

    (बिज़नेस स्टैण्डर्ड के इस लिंक पर आप जानेंगे कि क्यों निर्यातक और कारोबारयोग्य कंपनियां विदेशी मुद्रा ऋण पर निर्भर नहीं हैं जबकि गैर कारोबारयोग्य कंपनियां एफसीबी का प्रयोग इतना अधिक कर रही हैं, आखिर यह पूरी समस्या क्या है?)

    2. ठोस कचरा प्रबंधन के नियम 16 साल बाद संशोधित किए गए; नियम अब शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी लागू

    लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

    (पर्यावरण मंत्रालय ने 16 साल बाद ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों को संशोधि‍त किया है, इसकी मुख्य विशेषताएं आप 5 अप्रैल को पीआइबी पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति से जान सकते हैं)

    3. क्या हैं पनामा पेपर्स?

    लिंक- http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/india/what-are-the-panama-papers-2228472.html

    (पनामा पेपर्स ने पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया है, पनामा पेपर्स का पैमाना क्या है? इसकी मूलभूत जानकारी आप इस लिंक से प्राप्त कर सकते हैं.)

  • हिंदी संपादकीय और विचार: नया स्तम्भ

    साथियों,
    हिंदी की गाड़ी गति पकड़ रही है. आप यूं ही हौंसला बढ़ाते रहिये! कुछ बातें आप पोस्ट कीजिये कुछ हम करेंगे!
    आज से हम क्रमशः विभिन्न हिंदी अख़बारों, पीआइबी एवं अन्य स्रोतों के संपादकीय, विचार एवं अन्य आवश्यक पठनीय सामग्री के लिंक आपको उपलब्ध कराने हम प्रयास करेंगे. आज के लिए-

    1. राजकोषीय जिम्मेदारी का कैसे हो निर्वहन?

    लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117277

    (बिज़नेस स्टैण्डर्ड का यह आलेख अर्थव्यवस्था वाले भाग के लिए पढ़ा जाना चाहिए. आप जानेंगे कि सरकार को राजकोषीय उत्तरदायित्व के बेहतर प्रबंधन के लिए किन बिन्दुओं पर काम करने की ज़रूरत है.)

    2. नवीनतम प्रौद्योगिकी अपनाकर और जल का दक्षता से उपयोग करके जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटा जा सकता है

    लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

    (4 मार्च को पीआइबी पर प्रकाशित यह विज्ञप्ति बताती है कि अनियमित मानसून, असमय बारिश तथा सूखे और बाढ़ की घटनाओं से निपटने के लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जवायु परिवर्तन मंत्रालय ने क्या क़दम उठाए हैं. ‘जलवायु परिवर्तन’ को ध्यान में रखकर यह पढ़ा जाए तो निश्चित ही उत्तर लेखन में यह सहायक होगा.)

    3. ई-कचरे की समस्या

    लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117097

    (बिज़नेस स्टैण्डर्ड का यह संपादकीय कुछ दिन पुराना ज़रूर है लेकिन ‘विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी’ वाले भाग के लिए पढ़ने योग्य है. इसमें आप जानेंगे कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे या ई-वेस्ट के निपटान के लिए सरकार ने कौन से नये नियम अधिसूचित किये हैं)

  • हेल्प, नीरांचल और पूंजीगत वस्तु नीति: विस्तृत आलेख श्रृंखला(भाग-2)

    मित्रों,
    एक्स्प्लेनर्स के अगले भाग में आज आप पढ़ेंगे- एचईएलपी, नीरांचल राष्ट्रीय जल संभर परियोजना और नई पूंजीगत वस्तु नीति के विषय में. उम्मीद है पिछले तीन अनुवाद(लीगो, आईपीसी और अवतरण) आपको पसंद आए होंगे. आज के अनुवाद पढ़ने के लिए आपको पिछली बार की तरह ही नीचे दिए गए लिंक पर जाना है और सीडी एक्सप्लेन(CD Explain) पर क्लिक करना है.

    1. तेल एवं प्राकृतिक गैस अन्वेषण के लिए ‘हेल्प’

    लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/ministry-of-petroleum-and-natural-gas-important-updates/

    (हाल ही में मंत्रिमंडल ने नई ‘हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाईसेंसिंग पॉलिसी(एचइएलपी)’ को मंजूरी दी है जो पुरानी ‘न्यू एक्सप्लोरेशन एंड लाईसेंसिंग पॉलिसी(एनइएलपी)’ की जगह लेगी। अब यह नई नीति तेल एवं गैस क्षेत्र के लिए कहाँ तक सफल साबित हो सकती है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी आपको उपरोक्त लिंक पर क्लिक करने पर मिलेगी)

    2. नई पूंजीगत वस्तु नीति: 2016

    लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/ministry-of-finance-important-updates/

    (पहली बार देश में पूंजीगत वस्तु क्षेत्र के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनायी गयी है. क्या हैं पूंजीगत वस्तुएं, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों ये जरूरी है, नई नीति में क्या ख़ास है, कैसा होगा इसका भविष्य….इन सबकी जानकारी आपको उपर लिंक पर मिलेगी)

    3. नीरांचल राष्ट्रीय जल संभर परियोजना

    लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/irrigation-in-india-issues-developments/

    (यहाँ आप जानेंगे कि जल-संभर क्या होता है, जल-संभरण प्रबंधन क्या होता है, ‘नीरांचल परियोजना’ का क्या महत्व है, इसके क्या लाभ और चुनौतियाँ हैं, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बारे में संक्षिप्त जानकारी भी आपको इस लिंक पर मिलेगी)

    हमें उम्मीद है कि ये तीनों एक्स्प्लेनर्स न केवल आप पढ़ेंगे बल्कि अपने साथियों संग भी साझा करेंगे. हम प्रत्येक दो-तीन दिनों के अंतराल पर इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते रहेंगे.

    इस श्रृंखला का पिछले भाग जिसमें हमने लीगो, आईपीसी और अवतरण के बारे में बताया था, उन्हें पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिये.

    भाग-1 https://www.civilsdaily.com/%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%97%E0%A5%8B-%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%83/

  • Geography classes in Delhi?

    Need help with geography portions of GS – Can you please suggest coaching/ teachers from their experiences? Pros and cons… would be a great help.

    TIA.

  • सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल में आज आयोजित 'सिविल सर्विसेज वर्कशॉप

    सिविल सर्विसेज की तैयारी करने से पहले इस एग्जाम की फिलोसफी को समझना बहुत जरुरी है

    डॉ. विजय अग्रवाल के लेक्चर की प्रमुख बातें

    • क्योंकि दिन-रात पढना, अच्छी कोचिंग जाना या सैकड़ों किताबें पढना इस एग्जाम में सफलता की गारंटी नहीं है
    • सफल व्यक्ति का भाषण ना सुनें – तैयारी करने वाले सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे हर सफल व्यक्ति का भाषण बड़े गौर से सुनते हैं और उसे कॉपी करने की कोशिश करते हैं जो बहुत घातक साबित होता है क्योंकि सफल व्यक्ति कभी भी पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई का तरीका नहीं बताता
    • वह हर चीज़ को बढ़ा- चढ़ाकर बताता है क्योंकि वह अपने आप को दूसरों से विशेष दिखाना चाहता है
    • हम जो देखते, सुनते और पढ़ते हैं वह हमेशा सही नहीं होता – इसलिए किसी की बात को सुनकर उसपर आँख करके विश्वास मत करो …ना ही उसकी कॉपी करो
    • जो लोग कहते हैं कि उन्होंने 5 साल तक 18-18 घंटे मेहनत की तब IAS बन पाए हैं …उनपर दया करो …क्योंकि मुझे लगता है अगर किसी व्यक्ति को इस एग्जाम को क्लियर करने में इतना समय लगा तो उससे बड़ा गधा इस दुनिया में और कोई नहीं हो सकता
    • जबसे नया पैटर्न आया है यह परीक्षा इतनी आसान हो गई है कि अब 45% अंक लाने पर IAS टॉप कर जाते हैं और 38% मार्क्स आ जाने पर आपका IAS बनना पक्का होता है
    • कभी आपने सोचा कि लोग इस परीक्षा में इतना कम स्कोर क्यों कर पाते हैं …ध्यान रखिये कि सिलेबस बनाने वाले ना तो मूर्ख हैं और ना ही आपके दुश्मन हैं ….अगर आप कम स्कोर कर रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आप इस एग्जाम को समझ ही नहीं पाए हैं
    • ये पक्का है कि UPSC आपकी मदद करने के लिए ही बैठा है … पर सवाल यह है कि आप अपना हाथ आगे बढ़ा पा रहे हैं या नहीं
    • कुछ समय से लगातार यह हौआ बनाया जा रहा है कि सिविल सर्विसेज एक बहुत ही मुश्किल और कठिन एग्जाम है ….और यह हौआ बनाने में मार्केट फोर्सेज का सबसे ज्यादा योगदान हैं ताकि डरकर आप कोचिंग क्लासेज ज्वाइन करो….और सैकड़ों किताबें खरीदो
    • ग्रेजुएट राजा से बड़ा होता है- याद रखिये आप ‘स्नातक’ हैं पर आजकल आप स्नातक की मर्यादा की रक्षा नहीं कर पाते …उपनिषद में एक सन्दर्भ है कि जब किसी स्नातक की सवारी निकलती थी तो राजा अपनी सवारी सड़क के किनारे रोककर स्नातक को रास्ता देते थे
    • यदि आप में स्नातक हैं तो आपको सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए किसी की मदद की जरुरत नहीं है
    • पर आजकल परेशानी यह है कि लोग केवल परीक्षा में अंक लाने के लिए पढ़ते हैं कुछ सीखने के लिए …..मेरा दावा है कि अगर आपको अपनी 12 वीं तक की पूरी पढ़ाई याद है तो कोई भी आपको सिविल सर्विसेज क्वालीफाई करने से नहीं रोक सकता
    • सिविल सर्विसेज के एग्जाम में 12 वीं तक का ज्ञान व एक ग्रेजुएट की विचार क्षमता का परीक्षण किया जाता है
    • इस परीक्षा में आपसे वही पूंछा जाता है जिसकी अपेक्षा एक सामान्य व्यक्ति से की जा सकती है
    • हर काम को करने से पहले अपने आप से यह सवाल पूँछिये कि आप यह काम क्यों कर रहे हैं
    • सिविल सर्विसेज की तैयारी में ‘ध्येय’ महत्वपूर्ण है ना कि वहां पहुँचने का तरीका …इसलिए तैयारी का कोई तरीका सटीक नहीं है …आपकी नज़र ध्येय पर होनी चाहिए रास्ता अपने आप बनता जाता है
    • IAS ज्ञान की परीक्षा नहीं है – सिविल सर्विसेज में आपका ज्ञान नहीं जांचा जाता बल्कि आपमें वह काबिलियत देखि जाती है जो एक सिविल सेवक में होना चाहिए
    • जो पढ़ते हैं वह आगे कभी काम नहीं आता – IAS की तैयारी के लिए आप जो भी विषय पढ़ते हैं चयनित हो जाने के बाद वो कहीं काम नहीं आते …..अगर कुछ काम आता है तो वह है आपकी स्किल्स ….इसीलिये यह परीक्षा आजकल ज्ञान की जगह व्यक्तित्व की परीक्षा बन गई है
    • UPSC के किसी फॉर्म में आपसे ये कभी नहीं पूंछा जाता कि आपने कौन सी किताबें पढी हैं या आप दिन में कितने घंटे पढ़ते थे ……बल्कि यह पूंछा जाता है कि आपकी हाबीज क्या हैं क्योंकि आपकी हाबीज ही आपके व्यक्तित्व की पहचान हैं
    • ज्ञानी व्यक्ति बहुत बुरे प्रशासक होते हैं – जो व्यक्ति बहुत ज्ञानी होते हैं वो सामान्यतः अच्छा प्रशासन अन्हीं चला पाते इसलिए यह परीक्षा सबसे ज्यादा ज्ञानी लोगों की खोज करने के लिए नहीं है
    • ज्ञानी ही चाहिए होते तो यूनिवर्सिटी टॉपर को ही सीधे IAS बना देते – कितना आसान था UPSC के लिए भी …अगर उन्हें देश के सबसे ज्ञानी लोगों को IAS बनाना होता तो वे परीक्षा कराने की वजाय सीधे हर यूनिवर्सिटी के टॉपर को ही IAS बना देते
    • अनपढ़ अकबर देश का सबसे अच्छा प्रशासक था – अकबर तो बिलकुल पढ़ा लिखा नहीं था पर उसके शासन को देश के सबसे बेहतरीन प्रशासन के लिए जाना जाता है …यहाँ तक कि उस समय देश के सबसे बेहतरीन विद्वान् भी उसके नवरत्नों में शामिल थे और अकबर उनके ज्ञान का प्रशासन चलाने में इस्तेमाल करता था ……क्योंकि अकबर में प्रशासनिक क्षमता अच्छी थी
    • कोई अर्थशास्त्री आज तक सफल व्यवसायी नहीं बन पाया – बड़े बड़े अर्थशास्त्री जिन्होंने बिजनेस बढाने की बड़ी बड़ी तरकीबें सुझायीं ….कभी अच्छे व्यवसायी नहीं बन पाए ….क्योंकि उनमें किताबी ज्ञान ज्यादा और व्यवहारिक ज्ञान कम था
    • सिविल सर्विसेज आपके व्यवहारिक ज्ञान की परीक्षा है I व्यवहारिक ज्ञान आपके ऑब्जरवेशन,अनुभव, विश्लेषण और कॉमनसेंस से मिलकर बनता है
    • जो प्रश्न उठाना नहीं जानता व IAS नहीं बन सकता – हर बात जो आप सुनते देखते या देखते हैं उस पर प्रश्न उठाइये…उस पर शक कीजिये …और जब तक पूरी तरह संतुष्ट ना हो जाएँ तब तक उसे ना मानिए
    • सिविल सर्वेन्ट्स में दो सबसे बड़े गुण होते हैं – ओरिजिनालिटी और डिसीजन मेकिंग
    • UPSC आपमें वह रॉ मटेरियल ढूंढती है जिसे आगे चलकर एक बेहतरीन प्रशासक के रूप में ढाला जा सके
    • IAS की तैयारी मतलब आ बैल मुझे मार – सिविल सर्विस में आने का मतलब है अपने सिर पर और जिम्मेदारियां लेना …..यदि आप जिम्मेदारियों से बचना चाहते हैं या अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों को ही अच्छे से पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो कृपया इस फील्ड में ना आयें
    • देखें ..आप बदलाव के लिए कितने तैयार हैं – सिविल सेवक बनने की चाहत रखने का अर्थ है आप अपनी वर्तमान पहचान बदलकर सिविल सेवक के रूप में पचाने जाना चाहते हो ….याद रखिये कि अगर आप अपनी इमेज बदलना चाहते हैं तो आपको उसके लिए स्वयं में बहुत बदलाव करने की जरुरत है ….क्या आप इन बदलावों के लिए तैयार हैं
    • जो पूंछा जाता है वह किताबों में नहीं है – सिविल सर्विसेज में जो पूंछा जाता है वह किताबों में नहीं होता ….क्योंकि यहाँ वह पूंछा जाता है जो अभी चल रहा है
    • चयन इस आधार पर कि आप नया क्या सोच पाते हैं – सिविल सर्विसेज में आपका चयन इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसी भी विषय पर क्या नया सोच पाते हैं ….और कुछ भी नया आप तब सोच पाते हैं जब आप अपना खुद का ऑब्जरवेशन विकसित करते हैं और अपने ऑब्जरवेशन को तार्किक तरीके से लोगों के सामने रख पाते हैं
    • ‘सरल’ सबसे कठिन होता है – IAS में आजकल बहुत आसन प्रश्न पूंछे जाते हैं जिनके उत्तर सबको आते हैं पर सब लिखते अलग अलग हैं ….आपके यही उत्तर आपको दूसरों से अलग दिखाते हैं.

  • Tag stories according to mains GS syllabus, paper wise

    Hi! Please consider categorising stories according to the mains GS papers syllabus, and where they occur in that paper. Because sometimes the phrases used in the UPSC syllabus makes it difficult to gauge which stories to cover under which part or rather phrase mentioned in the syllabus.

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