हिंदी संपादकीय और विचार: 12 अप्रैल

आज के लिंक:

1. राष्ट्र की दृष्टि से उचित नहीं है किराना को बचाना

लिंक: http://blogs.navbharattimes.indiatimes.com/nbteditpage/government-needs-to-save-employment-not-grocery/

(एक अच्छा आलेख. ज़रूर पढ़ा जाना चाहिए. अंग्रेजी वालों को भी. इस आलेख में आप जानेंगे कि सरकार को चिंता है कि ई-रिटेल कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट दिए जाने से नुक्कड़ की किराना दुकानों का धंधा चौपट हो जाएगा, करोड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार की चिंता वाजिब है, परंतु यह समस्या तमाम रोजगार भक्षक आधुनिक तकनीकों में निहित है)

2. प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों के भारी नुकसान के बावजूद 2014-15 में 252.02 मिलियन टन अनाज उत्पादन की तुलना में 2015-16 में अनाज उत्पादन बढ़कर 253.16 मिलियन टन हुआ

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(11 अप्रैल को पीआइबी पर प्रकाशित कृषि मंत्रालय की इस विज्ञप्ति में आप जानेंगे कि सरकार द्वारा 2016-17 के बजट में किसानों की आय दोगुनी करने की जो घोषणा की गई थी, उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार किन सात बिन्दु पर कार्य करने का विचार कर रही है)