स्वर्ण मौद्रिकरण, मिशन इंद्रधनुष और सौर पैनल विवाद: विस्तृत आलेख श्रृंखला(भाग-5)

साथियों,
विस्तृत आलेख श्रृंखला के इस भाग में आप स्वर्ण संबंधी तीन योजनाओं, भारत-अमेरिका के बीच सौर पैनल विवाद और मिशन इंद्रधनुष के बारे में जानेंगे. उम्मीद है कि इस श्रृंखला के पिछले चार भाग आपने ज़रूर पढ़े होंगे. आज के अनुवाद पढ़ने के लिए आपको पिछली बार की तरह ही नीचे दिए गए लिंक पर जाना है और सीडी एक्सप्लेन(CD Explain) पर क्लिक करना है.

1. पीएम मोदी ने स्वर्ण संबंधी तीन योजनाओं की शुरुआत की

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/gold-monetisation-scheme-all-you-need-to-know-about-it/

2. मिशन इंद्रधनुष: 2020 तक 100% स्वास्थ्य प्रतिरक्षण कवरेज

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/mission-indradhanush-100-health-immunization-coverage-by-2020/

3. भारत-अमेरिका के बीच सौर पैनल विवाद

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/solar-panel-dispute-india-and-wto/

इस श्रृंखला का पिछला भाग जिसमें हमने रिफ्यूजी संकट, चौथी औद्योगिक क्रांति और राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति के बारे में बताया था, उसे पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिये. हमारी कोशिश रहेगी कि हम इस श्रृंखला को लगातार आगे बढ़ाते रहें.

रिफ्यूजी संकट, चौथी औद्योगिक क्रांति और जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति

जंगल, भूमंडलीकरण और सहकार

साथियों,
कुछ दिनों पहले हमने ‘संपादकीय और विचार’ नाम से श्रृंखला शुरू की थी लेकिन हमने देखा कि हिंदी अख़बारों में कभी कभार अच्छे आलेख ढूँढने से नहीं मिलते. इसलिए हमने सोचा है कि समय समय पर चुनिन्दा पठनीय सामग्री आप तक पहुंचाते रहेंगे. आज तीन आलेख के लिंक आपको दे रहा हूँ. तीनों ही आलेख निबंध या सामान्य अध्ययन के दृष्टिकोण से पढ़े जाने योग्य हैं.

1. जंगल की दार्शनिक भावभूमि

लिंक- http://www.prabhatkhabar.com/news/columns/story/792101.html

(जंगल’ शब्द उच्चरित होते ही लोगों के मानस में एक नकारात्मक छवि उभरने लगती है, जंगल के बाशिंदे यानी ‘जंगली’. ‘जंगली’ विशेषण कभी भी सकारात्मक रूप में प्रयुक्त नहीं होता है. इस सोच ने आदिवासियों को लंबे समय तक मनुष्यता के पद से वंचित रखा. अब भी यह सोच उसी रूप में दिखाई देती है.)

2. भूमंडलीकरण और विषमता

लिंक- http://www.deshbandhu.co.in/article/5858/10/330#.VyLkNdJ97IU

(मंडलीकरण के वर्तमान दौर में आर्थिक विषमता की स्थिति क्या होगी? दो वर्ष पूर्व फ्रांसीसी अर्थशास्त्री टॉमस पिकेट्टी ने अपनी पुस्तक ‘कैपिटल इन द ट्वेंटी फस्र्ट सेंचुरी’ में पहली बार इस प्रश्न को जोरदार ढंग से उठाया था। उनका मानना था कि 1930 के दशक से 1970 के दशक तक आर्थिक विषमता की प्रवृत्ति घटने की थी मगर 1970 के दशक के बाद वह लगातार बढऩे लगी है। ऐसा क्यों हो रहा है?)

3. भारत-अमेरिका सहकार जरूरी

लिंक- http://www.prabhatkhabar.com/news/columns/story/786217.html

(आज का भारत 1950 के दशक वाला गुट निरपेक्ष देश नहीं, जिसका टकराव हर कदम पर शीतयुद्ध के युग में नव साम्राज्यवादी अमेरिका से होता था. नेहरू सरकार का रुझान समाजवादी आर्थिक विकास का था और यह स्वाभाविक था कि तत्कालीन सोवियत संघ के साथ हमारी आत्मीयता कहीं गहरी थी.)

रिफ्यूजी संकट, चौथी औद्योगिक क्रांति और जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति

साथियों,
विस्तृत आलेख श्रृंखला के इस भाग(भाग-4) में आप रिफ्यूजी संकट, चौथी औद्योगिक क्रांति और राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति के बारे में जानेंगे. उम्मीद है कि इस श्रृंखला के पिछले तीन भाग आपने ज़रूर पढ़े होंगे. आज के अनुवाद पढ़ने के लिए आपको पिछली बार की तरह ही नीचे दिए गए लिंक पर जाना है और सीडी एक्सप्लेन(CD Explain) पर क्लिक करना है.

1. रिफ्यूजी संकट का विश्लेषण एवं भारत के लिए सबक

लिंक- https://www.civilsdaily.com/understanding-the-refugee-crisis-and-lessons-for-india/

2. चौथी औद्योगिक क्रांति: 2016 के लिए विश्व आर्थिक फ़ोरम की आवाज़

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/fourth-industrial-revolution-world-economic-forums-call-for-2016/

3. राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति 2015-2020

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/developments-and-innovation-in-biotechnology/

इस श्रृंखला का पिछला भाग जिसमें हमने सरकार की तीन योजनाओं- श्रमेव जयते कार्यक्रम, जन धन से जन सुरक्षा और अंत्योदय योजना के बारे में बताया था, उसे पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिये. हमारी कोशिश रहेगी कि हम इस श्रृंखला को लगातार आगे बढ़ाते रहें.

श्रमेव जयते, वित्तीय समावेशन और अंत्योदय: विस्तृत आलेख श्रृंखला(भाग-3)

हिंदी संपादकीय और विचार, 18 अप्रैल

आज के लिंक-

1. देश की सेहत की जांच-पड़ताल

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117823

(बीते एक दशक में स्वास्थ्य संकेतकों के मामले में देश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है लेकिन अन्य एशियाई मुल्कों की तुलना में हम अभी भी पीछे हैं. उपरोक्त लिंक पर आप जानेंगे कि दशकीय राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, जिसे भारत सरकार की ओर से मुंबई के अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान ने कराया, में क्या कहा गया है.)

2. भारत द्वारा सेशेल्‍स में एक वेव राइडर बोया की तैनाती

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=47277

(हिन्द महासागर देशों के लिए महासागर सूचना प्रणाली के लिए भारतीय राष्ट्रीय केंद्र हैदराबाद ने एकीकृत महासागर सूचना प्रणाली के एक हिस्से के रूप में फ्रीगेट द्वीप सेशेल्स में 27 नोटिकल मील दूर मछली पकड़ने के बंदरगाह पर एक वेव राइडर बोया सफलतापूर्वक तैनात किया है. इस बारे में उपरोक्त लिंक से जानकारी प्राप्त की जा सकती)

3. अच्छे मानसून के कयास ही काफी नहीं

लिंक- http://www.livehindustan.com/news/guestcolumn/article1-drought-land-water–526722.html

(देश के 91 बड़े जलाशयों का स्तर खतरनाक हद तक नीचे आ चुका है. केंद्रीय जल आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इन जलाशयों में क्षमता का मात्र 23 प्रतिशत पानी बचा है, जो विगत दस वर्ष के औसत (77 फीसदी) का एक तिहाई भी नहीं है. सूखे के बावजूद पिछले साल इन जलाशयों में 67 प्रतिशत जल था.)

संपादकीय और विचार, 16 अप्रैल: बाबासाहेब अम्बेडकर, लोक अदालत और पल्माइरा की कहानी

आज के लिंक-

1. लोक अदालत : विवादों के निपटारे की एक वैकल्पिक व्यवस्था

लिंक- http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/13080/9/200#.VxHdQdR97IU

(लोक अदालत भारत में विवादों के निपटारे की एक वैकल्पिक व्यवस्था है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 19(5) के अनुसार लोक अदालत को अधिकारिता प्राप्त है। लोक अदालत के विषय में विस्तृत जानकारी आप उपरोक्त लिंक से प्राप्त कर सकते हैं)

2. डॉ. अम्बेडकर जीवन दर्शन

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindifeature.aspx?relid=47181

(पीआइबी पर प्रकाशित इस लेख में आप बाबासाहेब अम्बेडकर के जीवन की कुछ बातों को जान सकेंगे. हालांकि उनके जीवन को जानने के लिए यह आलेख नाकाफ़ी है लेकिन फिर भी मूलभूत जानकारी के लिए इसे पढ़ा जाना चाहिए)

3. महज दो साल में ये शहर तबाह हो गया

लिंक- http://www.bbc.com/hindi/international/2016/04/160415_vert_cul_palmyra_ruins_cj

(यह कहानी सीरिया के शहर पल्माइरा की है, जो उजड़ चुका था, फिर भी उजाड़ दिया गया. जब इस्लामिक स्टेट ने पिछले साल पल्माइरा पर कब्ज़ा कर लिया, तो उन्होंने इस ऐतिहासिक शहर के खंडहरों को डायनामाइट से उड़ा दिया. इस बारे में आप बीबीसी पर प्रकाशित इस रिपोर्ट को पढ़िए.)

हिंदी संपादकीय और विचार: 15 अप्रैल

आज के लिंक-

1. ‘सागरमाला’ राष्‍ट्रीय परिप्रेक्ष्‍य योजना प्रस्‍तुत की गई

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=47245

(सागरमाला सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्‍य देश में बंदरगाहों की अगुवाई में विकास की गति तेज करना है. यह योजना चार रणनीतिक पहलुओं पर आधारित है, वे रणनीतियाँ कौन कौन सी हैं, इसके बारे में आप उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर जान सकते हैं.)

2. ई-मंडी की पगडंडी

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117711

(सरकार द्वारा ई-मंडी की शुरुआत की गई है. नया एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक मंच सीमित तरीके से शुरू हुआ है लेकिन फिर भी यह किसानों की तमाम समस्याओं को हल करेगा. देश के सभी 585 प्रमुख बाजारों को मार्च 2018 तक ई-प्लेटफार्म से जोडऩे की योजना है. उपरोक्त लिंक से इस बारे में और जानिये)

3. क्यों कोलार खदान के फिर खुलने से देश की जेब पर पड़ रहा बोझ कुछ कम हो सकता है

लिंक- http://satyagrah.scroll.in/article/100421/opening-of-kolar-mines-can-reduce-indias-import-bill

(सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर ब्रिटिश हुकूमत और फिर आजाद भारत तक भरपूर सोना देती रही कोलार खदान को सरकार फिर शुरू करने वाली है. उपरोक्त लिंक द्वारा आप कोलार के बारे में कई महत्वपूर्ण तथ्य और जानकारी हासिल कर सकते हैं.)

श्रमेव जयते, वित्तीय समावेशन और अंत्योदय: विस्तृत आलेख श्रृंखला(भाग-3)

मित्रों,
विस्तृत आलेख श्रृंखला के इस भाग में आज आप सरकार की तीन योजनाओं के बारे में जानेंगे- श्रमेव जयते कार्यक्रम, जन धन से जन सुरक्षा और अंत्योदय योजना. उम्मीद है इस श्रृंखला के पिछले दो भाग आपने ज़रूर पढ़े होंगे. आज के अनुवाद पढ़ने के लिए आपको पिछली बार की तरह ही नीचे दिए गए लिंक पर जाना है और सीडी एक्सप्लेन(CD Explain) पर क्लिक करना है.

1. पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम

लिंक- https://www.civilsdaily.com/pandit-deendayal-upadhyay-shramev-jayate-karyakram/

2. जन धन से जन सुरक्षा तक- वित्तीय समावेशन और सुरक्षा की ओर

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/financial-inclusion-in-india-and-its-challenges/

3. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना

लिंक- https://www.civilsdaily.com/deen-dayal-upadhyaya-antyodaya-yojana/

इस श्रृंखला का पिछले भाग जिसमें हमने हेल्प, नीरांचल और नई पूंजीगत वस्तु नीति के बारे में बताया था, उन्हें पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिये. हमारी कोशिश रहेगी कि प्रत्येक तीन दिनों के अंतराल पर इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते रहें.

भाग- 2 https://www.civilsdaily.com/%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%97%E0%A4%A4/

संपादकीय और विचार: 14 अप्रैल

आज के लिंक अन्तर्राष्ट्रीय संबंध और पर्यावरण के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है-

1. भारत-अमरीका देंगे एक-दूसरे को फ़ौजी सुविधाएं

लिंक- http://www.bbc.com/hindi/india/2016/04/160413_america_india_military_agreement_tk

(प्रस्तावित समझौते के तहत भारत के जहाज को अगर तेल लेना है या फर्निशिंग करानी है तो वो अमरीका में करवा सकता है और अमरीका भी भारत में यह कर सकता है. अमरीका के साथ यह सहमति कितनी अहम है और इसके फ़ायदों के साथ ही इससे क्या मुश्किलें हो सकती हैं, इस बारे में आप उपरोक्त लिंक पर पढ़ हैं)

2. दक्षिण एशिया वन जीवन प्रवर्तन नेटवर्क

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=47213

(दक्षिण एशिया वन जीवन प्रवर्तन नेटवर्क आठ देशों: अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान एवं श्रीलंका से निर्मित एक क्षेत्रीय नेटवर्क है. क्या हैं इसके उद्देश्य और यह काम करेगा इसे आप उपरोक्त लिंक पर पढ़ सकते हैं)

3. मिस्र करेगा दो द्वीपों को सऊदी अरब के हवाले

लिंक- http://www.dw.com/hi/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%8A%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87/a-19181673

(मिस्र की सरकार सऊदी अरब के साथ मैरीटाइम डिमार्केशन एकॉर्ड पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मिस्र के दो द्वीप तिरान और सनाफिर सऊदी अरब की जलसीमा में पड़ते हैं. भौगोलिक दृष्टिकोण से और आईआर के लिहाज़ से इस आलेख को देखा जाना चाहिए.)

हिंदी संपादकीय और विचार: 13 अप्रैल

आज के लिंक-

1. पानी के बंटवारे से होगा लाभ

लिंक- http://www.prabhatkhabar.com/news/columns/story/783430.html

(वर्तमान में गेहूं का समर्थन मूल्य लगभग 1,500 रुपये प्रति क्विंटल है. पानी का मात्रात्मक मूल्य वसूल करने से किसान पर 200 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. सरकार को चाहिए कि गेहूं के समर्थन मूल्य में 200 रुपये की वृद्धि कर दे. इस विषय पर एक अच्छा आलेख उपरोक्त लिंक पर पढ़ सकते हैं)

2. भारत-अमेरिकी रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की तैयारी

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117647

(भारत ने अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को अफपाक से अलग देखा है और वह अमेरिकी केंद्रीय कमान के साथ सैन्य समझौते को बढ़ावा दे रहा है. भारत-अमेरिका रक्षा ढांचा समझौता 2025 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. और किन क्षेत्रों में क्या विचार किया जा रहा है, आप ऊपर लिंक पर पढ़ सकते हैं)

3. जानिए, क्या है बैंकरप्सी कानून, इकोनॉमी के लिए कैसे है फायदेमंद

लिंक- http://money.bhaskar.com/news/MON-DYK-ECNM-do-you-know-what-is-bankruptcy-law-and-how-it-is-beneficial-5206724-PHO.html

(इस बिल के कानून बनने पर इन्‍सालवेंसी (दिवालिया) से जुड़े मामलों को छह महीनें (180 दिनों) के भीतर निपटाना संभव हो जाएगा. सके अलावा फास्‍ट ट्रैक अप्‍लीकेशन को भी 90 दिनों में निपटाना होगा. इस बारे में और अधिक उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर जाना जा सकता है)

हिंदी संपादकीय और विचार: 12 अप्रैल

आज के लिंक:

1. राष्ट्र की दृष्टि से उचित नहीं है किराना को बचाना

लिंक: http://blogs.navbharattimes.indiatimes.com/nbteditpage/government-needs-to-save-employment-not-grocery/

(एक अच्छा आलेख. ज़रूर पढ़ा जाना चाहिए. अंग्रेजी वालों को भी. इस आलेख में आप जानेंगे कि सरकार को चिंता है कि ई-रिटेल कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट दिए जाने से नुक्कड़ की किराना दुकानों का धंधा चौपट हो जाएगा, करोड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार की चिंता वाजिब है, परंतु यह समस्या तमाम रोजगार भक्षक आधुनिक तकनीकों में निहित है)

2. प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों के भारी नुकसान के बावजूद 2014-15 में 252.02 मिलियन टन अनाज उत्पादन की तुलना में 2015-16 में अनाज उत्पादन बढ़कर 253.16 मिलियन टन हुआ

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(11 अप्रैल को पीआइबी पर प्रकाशित कृषि मंत्रालय की इस विज्ञप्ति में आप जानेंगे कि सरकार द्वारा 2016-17 के बजट में किसानों की आय दोगुनी करने की जो घोषणा की गई थी, उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार किन सात बिन्दु पर कार्य करने का विचार कर रही है)

हिंदी संपादकीय और विचार: 11 अप्रैल

गत सप्ताह हमने हिंदी संपादकीय और विचार के तहत आपको कुछ महत्वपूर्ण पठनीय सामग्री उपलब्ध कराने की शुरुआत की थी. आपमें से कई साथियों ने इसे जारी रखने के लिए कहा. यदि आपके पास भी कुछ परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सामग्री हो तो आप भी पोस्ट करें या आप कुछ पूछना चाहते हों या किसी विषय पर कुछ पढ़ना चाहते हों तो हमें कमेंट में ज़रूर बताएं, हम मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे.

आज के लिंक-

1. बहुवाद और सहिष्णुता हमारी सभ्यता का नमूना है; विविधता में निहित है भारत की शक्तिः राष्ट्रपति

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(9 मार्च को पीआइबी पर प्रकशित इस विज्ञप्ति में राष्ट्रपति द्वारा कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं गई हैं. निबंध के दृष्टिकोण से पढ़ा जाना चाहिए)

2. लैब में बन सकेगा ‘ब्लड प्लेटलेट्स’!

लिंक- http://www.bbc.com/hindi/international/2016/04/160409_huge_leap_to_produce_platelets_cj

(शरीर में प्लेटलेट्स बनाने वाली चीज़ को प्रयोगशाला में किस तरह से तैयार किया जा सकता है, इसकी खोज ‘एनएचएस’ और कैंब्रिज़ यूनिवर्सिटी की टीम ने की है. इस परीक्षण के विषय में आप बीबीसी के उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर जानकारी हासिल कर सकते हैं)

3. व्यापार-व्याधि

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117529

(देश का निर्यात लगातार 15 महीने से गिरावट पर है। इस अवधि में औसत(साल दर साल) मासिक गिरावट 16 फीसदी रही। क्यों हो रहा है ऐसा, कैसे निपटा जाए इससे, यह सब आप उपरोक्त लिंक पर पढ़ सकते हैं)

हिंदी संपादकीय और विचार: 9 अप्रैल

संपादकीय और विचार में आज के लिंक-

1. भारतीय दंड संहिता की धारा 497

लिंक- http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/13050/9/200#.VwiN85x97IU

(मानहानि का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है, साल 2000 तक मानहानि के मामले कम दर्ज होते थे और जो होते थे वे मौखिक या लिखित आलोचना के होते थे लेकिन जैसे ही कंप्यूटर का चलन बढ़ा तो उससे भी मानहानि होने लगी। क्या है मानहानि? इस बारे में आप उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर जान सकते हैं)

2. विश्व बांस सम्मेलन- 2016

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(8 अप्रैल को पीआइबी पर कृषि मंत्रालय द्वारा जारी दो विज्ञप्तियों को आप पढ़ सकते हैं. आप जान सकेंगे कि भारत में बांस उत्पादन कितना है, कितनी कमी आई है, सरकार मांग-पूर्ती की खाई पाटने के लिए क्या कर रही है और बांस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार की क्या योजनाएँ हैं.)

3. रिन्युएबल एनर्जी से ही संभव है देश की असली तरक्की

लिंक- http://money.bhaskar.com/news-cppst/MON-EXPR-ECON-renewable-energy-is-the-source-of-real-economic-growth-5293417-NOR.html

(आज आर्थिक संवृद्धि और प्रगति के लिए ऊर्जा क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण है. ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को समझना बेहद अहम हो जाता है. अक्षय/नवीकरणीय ऊर्जा का कैसे योगदान दे सकती है, इसे आप इस लिंक द्वारा जान सकते हैं)

हिंदी संपादकीय और विचार: 8 अप्रैल

संपादकीय और विचार में आज के लिंक-

1. सरकार ने किसानों के लिए स्मार्ट पम्प और लोगों को ऊर्जा सक्षम पंखे देने का राष्ट्रीय कार्यक्रम लॉन्च किया

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(पीआइबी पर 7 अप्रैल को प्रकाशित विद्युत् मंत्रालय की इस विज्ञप्ति में आप राष्ट्रीय ऊर्जा सक्षम कृषि पम्प और राष्ट्रीय ऊर्जा सक्षम पंखा कार्यक्रम की विशेषताओं के विषय में जान सकते हैं)

2. लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मिले उद्योग का दर्जा?

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117441

(कारोबारी जगत और अर्थशास्त्र में लॉजिस्टिक्स शब्द का प्रयोग एकदम नया है. क्या हैं इसके मायने? क्या लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया जाए? आखिर क्या हैं इस क्षेत्र की समस्याएं? इन सब बातों को आप उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर जान सकते हैं)

3. दक्षिण-पूर्व एशिया में उभरती नई उम्मीद

लिंक- http://www.livehindustan.com/news/guestcolumn/article1-southeast-asia-emerging-new-hope-524775.html

(कहा जा रहा है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में ‘इंडोनेशिया भविष्य का देश है’। दुनिया भर के निवेशक अब इंडोनेशिया का रुख कर रहे हैं। क्या कारण हैं इसके पीछे? हिंदुस्तान दैनिक में छापे इस आलेख को आप पढ़ सकते हैं)

हिंदी संपादकीय और विचार

आज के लिंक-

1. सूखा और जल संसाधन प्रबंध

लिंक- http://www.prabhatkhabar.com/news/columns/story/749414.html

(कामता प्रसाद ने अपनी पुस्तक ‘वॉटर इन दी कमिंग डिकेड्स, पॉलिसी एंड गवर्नेंस इशूज इन इंडिया’ में लिखा है कि पानी और गरीबी में सीधा रिश्ता है. देश में हर साल कहीं बाढ़, कहीं सूखा और कहीं-कहीं तो एक ही मौसम में बाढ़ और सूखा दोनों आते हैं. कैसा प्रबंध हो, क्या किया जाए इसकी जानकारी आप इस बारे में आप उपरोक्त लिंक पर पढ़ सकते हैं)

2. क्या जनमत संग्रह का प्रावधान होना चाहिए?

लिंक- http://www.deshbandhu.co.in/article/5815/10/330/%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F?#.VwX-MJx97IU

(नया चुनाव काफी खर्चीला होता है और काफी जटिल। कितनी बार नया मतदान हो? अगर जनमत संग्रह का प्रावधान होता तो इस खामी को दूर किया जा सकता था। जब जस्टिस हिदायतुल्ला उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति थे तो उन्होंने शिकायत की थी कि संविधान में संशोधन पर लोगों का मत जानने की कोई व्यवस्था संविधान निर्माताओं ने नहीं की. और अधिक जानने के लिए उपरोक्त लिंक पर क्लिक कीजिये)

3. राष्ट्रीय जलविज्ञान परियोजना

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने आज राष्ट्रीय जलविज्ञान परियोजना को लागू करने की मंजूरी दे दी। यह केन्द्रीय परियोजना है और इसके लिए 3679.7674 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए है। कइस विषय में और अधिक जानकारी 6 अप्रैल को प्रकाशित जल संसाधन मंत्रालय की विज्ञप्ति को देखा जा सकता है)

हिंदी संपादकीय और विचार

कल से हमने नई शुरूआत की थी- विभिन्न हिंदी अख़बारों, पीआइबी और अन्य स्रोतों के संपादकीय, विचार एवं अन्य आवश्यक पठनीय सामग्री के लिंक आपको उपलब्ध कराने की. उम्मीद है कल के लिंक आपने खोलेंगे होंगे और अपने मित्रों को भी इस बारे में बताया होगा.
आज के लिंक-

1. विदेशी ऋण लेने में कंपनियों की भूमिका

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117348

(बिज़नेस स्टैण्डर्ड के इस लिंक पर आप जानेंगे कि क्यों निर्यातक और कारोबारयोग्य कंपनियां विदेशी मुद्रा ऋण पर निर्भर नहीं हैं जबकि गैर कारोबारयोग्य कंपनियां एफसीबी का प्रयोग इतना अधिक कर रही हैं, आखिर यह पूरी समस्या क्या है?)

2. ठोस कचरा प्रबंधन के नियम 16 साल बाद संशोधित किए गए; नियम अब शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी लागू

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(पर्यावरण मंत्रालय ने 16 साल बाद ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों को संशोधि‍त किया है, इसकी मुख्य विशेषताएं आप 5 अप्रैल को पीआइबी पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति से जान सकते हैं)

3. क्या हैं पनामा पेपर्स?

लिंक- http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/india/what-are-the-panama-papers-2228472.html

(पनामा पेपर्स ने पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया है, पनामा पेपर्स का पैमाना क्या है? इसकी मूलभूत जानकारी आप इस लिंक से प्राप्त कर सकते हैं.)

हिंदी संपादकीय और विचार: नया स्तम्भ

साथियों,
हिंदी की गाड़ी गति पकड़ रही है. आप यूं ही हौंसला बढ़ाते रहिये! कुछ बातें आप पोस्ट कीजिये कुछ हम करेंगे!
आज से हम क्रमशः विभिन्न हिंदी अख़बारों, पीआइबी एवं अन्य स्रोतों के संपादकीय, विचार एवं अन्य आवश्यक पठनीय सामग्री के लिंक आपको उपलब्ध कराने हम प्रयास करेंगे. आज के लिए-

1. राजकोषीय जिम्मेदारी का कैसे हो निर्वहन?

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117277

(बिज़नेस स्टैण्डर्ड का यह आलेख अर्थव्यवस्था वाले भाग के लिए पढ़ा जाना चाहिए. आप जानेंगे कि सरकार को राजकोषीय उत्तरदायित्व के बेहतर प्रबंधन के लिए किन बिन्दुओं पर काम करने की ज़रूरत है.)

2. नवीनतम प्रौद्योगिकी अपनाकर और जल का दक्षता से उपयोग करके जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटा जा सकता है

लिंक- http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx

(4 मार्च को पीआइबी पर प्रकाशित यह विज्ञप्ति बताती है कि अनियमित मानसून, असमय बारिश तथा सूखे और बाढ़ की घटनाओं से निपटने के लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जवायु परिवर्तन मंत्रालय ने क्या क़दम उठाए हैं. ‘जलवायु परिवर्तन’ को ध्यान में रखकर यह पढ़ा जाए तो निश्चित ही उत्तर लेखन में यह सहायक होगा.)

3. ई-कचरे की समस्या

लिंक- http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=117097

(बिज़नेस स्टैण्डर्ड का यह संपादकीय कुछ दिन पुराना ज़रूर है लेकिन ‘विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी’ वाले भाग के लिए पढ़ने योग्य है. इसमें आप जानेंगे कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे या ई-वेस्ट के निपटान के लिए सरकार ने कौन से नये नियम अधिसूचित किये हैं)

हेल्प, नीरांचल और पूंजीगत वस्तु नीति: विस्तृत आलेख श्रृंखला(भाग-2)

मित्रों,
एक्स्प्लेनर्स के अगले भाग में आज आप पढ़ेंगे- एचईएलपी, नीरांचल राष्ट्रीय जल संभर परियोजना और नई पूंजीगत वस्तु नीति के विषय में. उम्मीद है पिछले तीन अनुवाद(लीगो, आईपीसी और अवतरण) आपको पसंद आए होंगे. आज के अनुवाद पढ़ने के लिए आपको पिछली बार की तरह ही नीचे दिए गए लिंक पर जाना है और सीडी एक्सप्लेन(CD Explain) पर क्लिक करना है.

1. तेल एवं प्राकृतिक गैस अन्वेषण के लिए ‘हेल्प’

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/ministry-of-petroleum-and-natural-gas-important-updates/

(हाल ही में मंत्रिमंडल ने नई ‘हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाईसेंसिंग पॉलिसी(एचइएलपी)’ को मंजूरी दी है जो पुरानी ‘न्यू एक्सप्लोरेशन एंड लाईसेंसिंग पॉलिसी(एनइएलपी)’ की जगह लेगी। अब यह नई नीति तेल एवं गैस क्षेत्र के लिए कहाँ तक सफल साबित हो सकती है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी आपको उपरोक्त लिंक पर क्लिक करने पर मिलेगी)

2. नई पूंजीगत वस्तु नीति: 2016

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/ministry-of-finance-important-updates/

(पहली बार देश में पूंजीगत वस्तु क्षेत्र के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनायी गयी है. क्या हैं पूंजीगत वस्तुएं, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों ये जरूरी है, नई नीति में क्या ख़ास है, कैसा होगा इसका भविष्य….इन सबकी जानकारी आपको उपर लिंक पर मिलेगी)

3. नीरांचल राष्ट्रीय जल संभर परियोजना

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/irrigation-in-india-issues-developments/

(यहाँ आप जानेंगे कि जल-संभर क्या होता है, जल-संभरण प्रबंधन क्या होता है, ‘नीरांचल परियोजना’ का क्या महत्व है, इसके क्या लाभ और चुनौतियाँ हैं, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बारे में संक्षिप्त जानकारी भी आपको इस लिंक पर मिलेगी)

हमें उम्मीद है कि ये तीनों एक्स्प्लेनर्स न केवल आप पढ़ेंगे बल्कि अपने साथियों संग भी साझा करेंगे. हम प्रत्येक दो-तीन दिनों के अंतराल पर इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते रहेंगे.

इस श्रृंखला का पिछले भाग जिसमें हमने लीगो, आईपीसी और अवतरण के बारे में बताया था, उन्हें पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिये.

भाग-1 https://www.civilsdaily.com/%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%97%E0%A5%8B-%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%83/

लीगो, आईपीसी, अवतरण: विस्तृत आलेख श्रृंखला(भाग-1)

साथियों,
अंग्रेजी ख़बरों के बाद हम आपके लिए अंग्रेजी एक्स्प्लेनर्स का हिंदी अनुवाद लाने का प्रयास कर रहे हैं. हमारे साथी इस काम में जुटे हैं. जल्द ही आप सभी एक्स्प्लेनर्स हिंदी में भी विस्तारपूर्वक पढ़ सकेंगे. इस कड़ी में आज हम आपके लिए तीन विस्तृत आलेख(लीगो, आईपीसी और अवतरण) लेकर आए हैं जिनके लिंक नीचे दिए जा रहे हैं, इन लिंक पर जाने के बाद आप सीडी एक्प्लेन(CD Explain) पर क्लिक कर इन आलेखों को पढ़ सकते हैं-

1. लीगो ने गुरुत्वाकर्षी तरंगों का पता लगाया: सम्पूर्ण विवरण

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/gravitational-waves-detected-by-ligo-complete-coverage/

(उपरोक्त लिंक पर आपको गुरुत्वीय तरंग, उसके प्रकार, उसे खोजने की ज़रूरत और भारत का इसमें क्या भविष्य है, इन सब बातों की विस्तार से जानकारी मिलेगी)

2. अवतरण – सात मिशन मोड गतिविधियों के ज़रिये रेलवे का होगा कायाकल्प

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/railway-reforms/

( उरोक्त लिंक पर क्लिक कर आप जानेंगे कि रेल बजट में रेलवे को मजबूत करने और कामकाज के तरीके में सुधार के लिए घोषित सात मिशन मोड गतिविधियां – अवतरण, आखिर क्या हैं?)

3. भारतीय दंड संहिता और आधुनिकीकरण की ज़रूरत

लिंक- https://www.civilsdaily.com/story/lgbt-rights-call-on-section-377/

(उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर आप भारतीय दंड संहिता का इतिहास, उस पर गठित विधि आयोग, आईपीसी में संशोधन की ज़रूरत और उससे जुड़े विशिष्ट मामलों की विस्तृत जानकारी हासिल कर सकेंगे)

हमें उम्मीद है कि ये तीनों एक्स्प्लेनर्स न केवल आप पढेंगे बल्कि अपने साथियों संग भी साझा करेंगे. हम प्रत्येक दो-तीन दिनों के अंतराल पर इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते रहेंगे.